पहेलियाँ

पांच पहेलियाँ -2

पहेली 1- तुम न बुलाओ मैं आ जाऊँगी, न भाड़ा न किराया दूँगी, घर के हर कमरे में रहूँगी, पकड़ न मुझको तुम पाओगे, मेरे बिन तुम न रह पाओगे, बताओ मैं कौन हूँ? पहेली 2- गर्मी में तुम मुझको खाते, मुझको पीना हरदम चाहते, मुझसे प्यार बहुत करते हो, पर भाप बनूँ तो डरते भी हो। पहेली 3 – मुझमें भार सदा ही रहता, जगह घेरना मुझको आता, हर वस्तु से गहरा रिश्ता, हर जगह मैं पाया जाता पहेली 4- ऊपर से नीचे बहता हूँ, हर बर्तन को अपनाता हूँ, देखो मुझको गिरा न देना वरना कठिन हो जाएगा… Read More »

पांच पहेलियाँ

पहेली 1 – मेरे चार पैर हैं फिर भी मैं चल नहीं सकती हूँ और न ही बिना हिलाए हिल सकती हूँ लेकिन मैं सबको आराम जरूर देती हूँ. बताओ मैं कौन हूँ ? पहेली 2 – मेरी आँखें हैं लेकिन मैं देख नहीं सकती हूँ. मेरे कान हैं लेकिन मैं सुन नहीं सकती हूँ. मेरी नाक है लेकिन मैं सूंघ नहीं सकती हूँ. मेरा मुँह भी है लेकिन मैं खा नहीं सकती हूँ. यहाँ तक कि मेरे हाथ और पैर भी हैं लेकिन फिर भी न मैं किसी को पकड़ सकती हूँ और न ही मैं चल सकती हूँ.… Read More »

चार पहेलियाँ

पहेली 1: सोने को पलंग नहीं न ही महल बनाए एक रूपया पास न फिर भी राजा कहलाए पहेली 2 : परिवार हरा हम भी हरे एक थैली में तीन – चार भरे। बताओ क्या ? पहेली 3: पांच अक्षर का मेरा नाम उल्टा पुल्टा एक समान पहेली 4: मुझमें ना बीज ना गुठली छिलका उतार के खा लो तो बताओ मेरा नाम ? उत्तर शेर मटर मलयालम केला

हिंदी पहेलियाँ

वो कौन सी चीज़ है जिसे खाने के लिए खरीदते हैं लेकिन उसे खाते नहीं लगाओ दिमाग ??? फेल हो गए क्या खुली रात में पैदा होती हरी घास पर सोती हूँ मोती जैसी मूरत मेरी बादल की मैं पोती हूँ बताओ क्या ? खुशबू है पर फूल नहीं जलती है पर ईर्ष्या नहीं बताओ क्या ? प्यास लगे तो पी लेना भूख लगे तो खा लेना ठण्ड लगे तो जला लेना बोलो क्या ? हरे रंग की टोपी मेरी हरे रंग का है दुशाला जब पक जाती हूँ मैं तो हरे रंग की टोपी लाल रंग का होता दुशाला… Read More »